ब्राह्मणवादियों के धमाके, मुसलमानों को फाँसी Brahmanvaadion ke dhamake, Musalmanon ko phaansi (Hindi)

ब्लास्ट कर के मुसलमानों पर दोष डालने का ब्राह्मणवादी खेल—-अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक ‘करकरे के हत्यारे कौन?’ और ‘26/11 की जांच—न्यायपालिका भी क्यों नाकाम रही?’ के लेखक, पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी एसएम मुशरिफ़ की यह एक और किताब है। इस किताब का विषय है देश भर में होनेवाले बम धमाकों के पीछे ब्राह्मणवादी छल-प्रपंच और बेगुनाह मुसलमानों पर दोष मढ़ना। अदालतों में दायर कई आरोपपत्रों और उनके द्वारा दिए गए कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों की शब्द-दर-शब्द जांच के बाद, और प्रासंगिक अवधियों की प्रेस कतरनों के एक विशाल संग्रह को देखने के बाद, लेखक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि 2002 के बाद से अधिकांश बम विस्फोटों में आरएसएस, अभिनव भारत, बजरंग दल, जय वंदे मातरम, सनातन संस्था आदि जैसे ब्राह्मणवादी संगठनों का हाथ था। लेकिन आईबी, एनआईए और राज्यों में आतंकवाद निरोधक दस्तों ने, ब्राह्मणवादी तत्वों के सक्रिय समर्थन और मीडिया द्वारा ब्राह्मणवादियों की ओर इशारा करनेवाले महत्वपूर्ण सुराग़ों को जान-बूझकर दबाने के लिए बेगुनाह मुसलमानों पर आरोप लगाया। यहां तक कि कुछ अदालतें भीं प्रभावित हुईं। कुछ अदालतें मीडिया के प्रचार से प्रभावित थीं तो कुछ अभियोजन पक्ष द्वारा गुमराह। लेखक ने सुझाव दिया है कि यदि ऐसे सभी मामलों का पुनरावलोकन कुछ वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया जाए और उनमें से संदिग्ध लोगों की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी द्वारा पुन: जांच की जाए, तो यह पता चलेगा कि इन सभी घटनाओं में ब्राह्मणवादी संलिप्त हैं, उन घटनाओं में भी, जिनमें मुसलमानों को दोषी ठहराया जा चुका है और सज़ा सुनाई जा चुकी है।

375.00
Quick View
Add to cart

भारत-विभाजन विरोधी मुसलमान (Hindi) Bharat-Vibhajan Virodhi Musalmaan

डॉ॰ शम्सुल इस्लाम ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे अधिक उपेक्षित किये गए अध्याय पर क़लम उठाया है,

345.00
Quick View
Add to cart

सावरकर–हिन्दुत्व मिथक और सच Savarkar-Hindutva: Mithak aur Sach (Hindi)

प्रस्तावना : डॉ. डी.आर. गोयल / प्रथम संस्करण की भूमिका / मिथक–एक: सावरकर महान स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने ब्रिटिश शासकों से कभी सहयोग नहीं किया / मिथक–दो : सावरकर का अधिकांश जीवन सेलुलर जेल में बीता मिथक–तीन सावरकर की माफ़ी की अर्ज़ियाँ रिहाई पाने की एक चाल थी, ताकि वे मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए सक्रियता से काम कर सकें / मिथक–चार: सावरकर मुस्लिम लीग और उसकी सांप्रदायिक नीति के ख़िलाफ़ दीवार बनकर खड़े रहे / मिथक–पांच: सावरकर तर्कवादी, वैज्ञानिक सोच के पक्षधर थे और छुआछूत के ख़िलाफ़ उन्होंने संघर्ष किया / मिथक–छः: गांधी हत्याकांड में सावरकर के ख़िलाफ़ आरोप कभी सिद्ध नहीं हुए / मिथक–सात : सावरकर का हिंदुत्व भारतीय राष्ट्रवाद को वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है / तस्वीरें
275.00
Quick View
Add to cart

हिन्दू राष्ट्रवाद और आरएसएस Hindu Rashtravaad aur RSS (Hindi)

शम्सुल इस्लाम दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के अध्यापक रहे हैं और जन नाट्यकर्मी हैं। शम्सुल इस्लाम ने एक लेखक, पत्रकार और स्तम्भकार के तौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में धार्मिक कट्टरता, अमानवीकरण, साम्राज्यवादी मंसूबों, महिलाओं और दलितों के दमन के ख़िलाफ़ हिन्दी, उर्दू और अंग्रेज़ी में लगातार लिखा है। वे राष्ट्रवाद के उदय और उसके विकास पर मौलिक शोध कार्यों के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं।

375.00
Quick View
Add to cart

પડદા પાછળનું ગુજરાત Parda Paachhalnu Gujarat (Gujarati)

આર. બી. શ્રીકુમાર ગુજરાત કૅડરના સેવાનિવૃત્ત આઈ.પી.એસ. અધિકારી છે. રાજ્યમાં જુદા જુદા ઉચ્ચ પદો પર ફરજો બજાવ્યા ઉપરાંત 9 એપ્રિલ 2002થી 18 સપ્ટેમ્બર 2002 દરમિયાન તેઓ ગુજરાતમાં ઇન્ટેજલિજન્સ વિભાગના અધિક પોલીસ મહાનિદેશક તરીકે રહી ચૂક્યા છે. આ જ કારણે તેઓએ ગુજરાતમાં ઘટેલી ઘટનાઓ અને તે પછી ઊભી થયેલી પરિસ્થિતિઓને બહુ જ નજીકથી નિહાળી અને તત્કાલિન રાજ્ય સરકારને સાથ નહીં આપવાના કારણસર તથા પંચ સમક્ષ સાચે સાચું બયાન આપવાના કારણે તેઓ સરકારના ઉગ્ર પ્રકોપનો શિકાર પણ બન્યા. જો કે અંતે સત્યનો જય થાય છે એ ઊક્તિ અનુસાર તેઓને અદાલત તરફથી ન્યાય તો મળ્યો જ!

235.00
Quick View
Add to cart