Sale!

नौशेरा का शेर – महावीर चक्र – ब्रिगेडियर मुहम्मद उस्मान — Naushera ka Sher, Mahavir Chakra, Brigadier Mohammad Usman

लेखक मूल रूप से उत्तर प्रदेश बलिया के रहने वाले कौसर उस्मान एक पत्रकार हैं। देश के कई प्रसिद्ध अंग्रेजी और हिन्दी अख़बारों के लिए काम कर चुके उस्मान फ़िलहाल “बलिया ख़बर” www.balliakhabar.in के संपादक हैं।

Original price was: ₹150.00.Current price is: ₹115.00.
Quick View
Add to cart

भारत-विभाजन विरोधी मुसलमान (Hindi) Bharat-Vibhajan Virodhi Musalmaan

डॉ॰ शम्सुल इस्लाम ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे अधिक उपेक्षित किये गए अध्याय पर क़लम उठाया है,

345.00
Quick View
Add to cart

संघी आतंकवाद Sanghi Aatankvaad (Hindi)

हमारा देश भारत अपनी गंगा-जमुनी संस्कृति एवं साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए प्रसिद्ध रहा है, परन्तु कुछ असामाजिक तत्त्व इसकी इस विशेषता को समाप्त कर यहां के वातावरण में नफ़रत और साम्प्रदायिकता का ज़हर घोलने का प्रयास भारत-विभाजन के पहले ही से करते रहे हैं और आज उनकी ये कोशिशें अपने चरम पर हैं। प्रस्तुत पुस्तक ‘संघी आतंकवाद’ के लेखक युगल किशोर शरण शास्त्री चूँकि स्वयं भी एक लम्बे समय तक संघ-प्रचारक रह चुके हैं, इसलिए उन्होंने संघ की इस वैमनस्यपूर्ण तथा विघटनकारी मानसिकता को बहुत क़रीब से जाना और पूरी निर्भीकता के साथ, मुखर रूप से अपनी इस पुस्तक में प्रस्तुत किया है। इसके साथ ही उन्होंने इन असामाजिक तत्त्वों द्वारा इस्लाम के बारे में फैलायी जा रही ग़लतफ़हमियों को भी दूर करने का प्रयास किया है। यह पुस्तक संघी आतंकवाद की मानसिकता को समझने तथा उसके बारे में लेखक के मुखर एवं स्पष्टवादी विचारों को जानने के लिए अवश्य पढ़ी जा सकती है।

95.00
Quick View
Add to cart

પડદા પાછળનું ગુજરાત Parda Paachhalnu Gujarat (Gujarati)

આર. બી. શ્રીકુમાર ગુજરાત કૅડરના સેવાનિવૃત્ત આઈ.પી.એસ. અધિકારી છે. રાજ્યમાં જુદા જુદા ઉચ્ચ પદો પર ફરજો બજાવ્યા ઉપરાંત 9 એપ્રિલ 2002થી 18 સપ્ટેમ્બર 2002 દરમિયાન તેઓ ગુજરાતમાં ઇન્ટેજલિજન્સ વિભાગના અધિક પોલીસ મહાનિદેશક તરીકે રહી ચૂક્યા છે. આ જ કારણે તેઓએ ગુજરાતમાં ઘટેલી ઘટનાઓ અને તે પછી ઊભી થયેલી પરિસ્થિતિઓને બહુ જ નજીકથી નિહાળી અને તત્કાલિન રાજ્ય સરકારને સાથ નહીં આપવાના કારણસર તથા પંચ સમક્ષ સાચે સાચું બયાન આપવાના કારણે તેઓ સરકારના ઉગ્ર પ્રકોપનો શિકાર પણ બન્યા. જો કે અંતે સત્યનો જય થાય છે એ ઊક્તિ અનુસાર તેઓને અદાલત તરફથી ન્યાય તો મળ્યો જ!

235.00
Quick View
Add to cart